दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने बाबा ज़ोरावर सिंह, बाबा फ़तेह सिंह और माता गुजरी जी का शहीदी दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया
दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
26 December 2025
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सर्वंसदानी साहिब-ए-कमाल गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा ज़ोरावर सिंह, बाबा फ़तेह सिंह और माता गुजरी जी का शहीदी दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया.

इस अवसर पर कमेटी के अधीन विभिन्न गुरुद्वारा साहिबानों में गुरमत समागम आयोजित किए गए तथा मुख्य समागम गुरुद्वारा माता सुंदरी जी में आयोजित किया गया.
इस समागम को संबोधित करते हुए कमेटी के प्रधान सरदार हरमीत सिंह कालका और जनरल सेक्रेटरी सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि साहिबज़ादा बाबा ज़ोरावर सिंह, साहिबज़ादा बाबा फ़तेह सिंह और माता गुजरी जी की शहादत की महिमा का वर्णन करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं हैं. उन्होंने कहा कि छोटे साहिबज़ादों ने अपनी अल्पायु में मुगल साम्राज्य के अधीन सरहिंद के शासक को स्पष्ट कर दिया था कि उसकी ताकत, ज़ोर और ज़ुल्म उन्हें झुका नहीं सकते. उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों ने अपनी शहादत से मुगल साम्राज्य की जड़ों को हिला दिया था.
उन्होंने कहा कि इन शहादतों के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि मुगल साम्राज्य के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं और गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी द्वारा लिखे ज़फ़रनामा को पढ़ने के तुरंत बाद मुगल बादशाह औरंगज़ेब की मृत्यु हो गई थी. उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों की अद्वितीय शहादत का उदाहरण दुनिया में कहीं और नहीं मिलता. जब इतनी छोटी उम्र में साहिबज़ादों ने पूर्ण बहादुरी, दिलेरी और दृढ़ हौसले के साथ मुगल ज़ोर और ज़ुल्म का न केवल सामना किया बल्कि बार-बार यह भी दोहराया कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे फिर से फ़ौज एकत्र करेंगे और मुगल सल्तनत को पराजित करेंगे.
उन्होंने कहा कि सिख कौम दुनिया की एकमात्र ऐसी कौम है. जिसे इतनी शहादतों की बदौलत अपनी पहचान मिली है. उन्होंने कहा कि शहादतों के कारण ही हमें ऊँचा और जूड़ा (सिख पहचान) मिला है. जिसकी संभाल बहुत आवश्यक है.
उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी मातृभाषा की विरासत और अपने धर्म की विरासत को संभाल लें तो फिर दुनिया में हमसे बड़ी कोई ताकत नहीं हो सकती.
उन्होंने कहा कि आज यह सभी माता-पिता, हमारे अध्यापकों और धार्मिक संस्थाओं के नेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस दिशा में प्रयास करें. उन्होंने यह बताते हुए गर्व महसूस किया कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने धर्म प्रचार कमेटी के प्रमुख सरदार जसप्रीत सिंह करमसर की अगुवाई में बच्चों को अपने विरसे से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और भविष्य में और भी अच्छे परिणाम आने की उम्मीद है.
उन्होंने संगतों से यह भी अपील की कि कल दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी द्वारा सर्वंसदानी साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी का प्रकाश दिवस पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और इन समागमों में भी संगतें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें.