कैदियों के जीवन में नया रंग भर रहा है रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण
दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
6 November 2025
दिल्ली की जेलें रेडियो जॉकी भी तैयार कर रही है. पिछले 25 साल के दौरान यहां पर करीब 1800 रेडियो जॉकी बनाए गए हैं. दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में बंद कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का भी कार्यक्रम चलाया जाता है. उसके तहत पिछले 25 साल में कई रेडियो जॉकी भी तैयार किए गए हैं. रोचक तथ्य यह है कि कई कैदी पेशेवर रेडियो जॉकी से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह कहा जा रहा है कि अगर इनको सही प्लेटफॉर्म मिल जाए तो यह रेडियो जॉकी के क्षेत्र में नया परचम लहरा सकते हैं.
इस कार्यक्रम को वर्ष 2000 के करीब शुरू करने वाले रेडियो जॉकी संतोष राव का कहना है कि कैदियों को जेल की सजा खत्म होने के बाद मुख्य धारा में जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए गए थे. उसमें एक कार्यक्रम रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग देना भी था. इस महत्वपूर्ण कार्य में तत्कालीन जेल महानिदेशक नीरज कुमार और विमला मेहरा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. संतोष राव बताते हैं कि उनकी संस्था लक्ष्य ने रेडियो जॉकी बनाने की ट्रेनिंग देने का कार्य शुरू किया तो उसको लेकर काफी उत्सुकता नजर आई.
संतोष राव और उनकी टीम ने तिहाड़ जेल में एफएम-टीजे रेडियो स्टेशन शुरू किया. जिसमें कैदियों को रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग दी जाती है. इस ट्रेनिंग के बाद कैदी न केवल रेडियो जॉकी बनकर अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं बल्कि समाज में भी अपनी पहचान बना रहे हैं.