
दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
17 September 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शाम 6 बजे लाल किले की प्राचीर के नीचे विशेष एवं भावपूर्ण ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सांसद प्रवीन खंडेलवाल द्वारा आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर राष्ट्रसेवा की कामना के साथ यहां 76 विशेष दीप प्रज्वलित किए गए. कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल* भी उपस्थित रहे. सुनील बंसल एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से विशेष 1.50 फीट ऊंचे ‘आशीर्वाद के दीये’ का प्रज्वलन किया, जिसके बाद अन्य दीप भी क्रमशः प्रज्वलित किए गए.
76 दीपों का यह दीप-समूह अपने आप में विशेष रहा. इनमें 1.50 फीट ऊंचा एक प्रमुख दीप, 1 फीट ऊंचा दूसरा दीप, इसके बाद थोड़े छोटे आकार के 5 विशेष दीप और इनके साथ 70 छोटे दीप शामिल थे. इस प्रकार अलग-अलग आकार और ऊंचाई के कुल 76 दीपों को एक विशेष क्रम में सजाया गया था. जैसे-जैसे सभी दीप प्रज्वलित हुए, लाल किले की भव्य प्राचीर की पृष्ठभूमि में रोशनी की यह पूरी संरचना अत्यंत मनोहारी दिखाई देने लगी. बड़े दीपों से निकलती लौ और उनके चारों ओर सजे छोटे दीपों की कतारें ऐसा दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं मानो ऐतिहासिक लाल किले के नीचे प्रकाश की एक जीवंत धारा बह रही हो. शाम के धुंधलके में 76 दीपों की स्वर्णिम आभा ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक, भावपूर्ण और राष्ट्रीय चेतना से भर दिया. एक साथ जगमगाते 76 दीपों का यह दृश्य कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावुक क्षण बन गया.

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति देशवासियों की शुभकामनाओं और उनके स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि दीप भारतीय परंपरा में प्रकाश, शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक रहा है और प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर देशभर में दीप प्रज्वलन की यह भावना जन-जन की सहभागिता को दर्शाती है.
सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है. ‘आशीर्वाद का दीया’ देशवासियों की उस सामूहिक भावना का प्रतीक है, जिसमें हर नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घ और सक्रिय जीवन की कामना करता है.
खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत @ 2047’ जैसे संकल्प देश के करोड़ों नागरिकों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ रहे हैं. एक दीया प्रधानमंत्री के लिए आशीर्वाद का, एक दीया राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का और करोड़ों दीप भारत के विकसित एवं आत्मनिर्भर बनने के संकल्प का प्रतीक बन सकते हैं.
लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर के नीचे जगमगाते 76 दीपों ने इस संदेश को दृश्य रूप दिया कि प्रकाश केवल अंधकार दूर करने का माध्यम नहीं, बल्कि शुभकामना, आशा, विश्वास और सामूहिक संकल्प का भी प्रतीक है. आशीर्वाद का दीया केवल दीप नहीं बल्कि देशवासियों की शुभकामनाओं, विश्वास और राष्ट्र निर्माण के सामूहिक संकल्प का प्रकाश है.