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रेजिडेंशियल कॉलोनियों और पब्लिक पार्कों में भी आवारा कुत्तों पर लगे प्रतिबंध – विजय गोयल

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
20 January 2026

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर आंदोलन चला रहे विजय गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी सहित उन लोगों के बयानों पर भी संज्ञान लिया है, जो अनावश्यक रूप से सुप्रीम कोर्ट के जजों पर आवारा कुत्तों के मुद्दे को लेकर टिप्पणियां कर रहे हैं.

गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, स्पोर्ट्स स्टेडियम और सरकारी संस्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश देकर एक सही और सराहनीय कदम उठाया है.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि रेजिडेंशियल कॉलोनियों और सोसाइटी परिसरों में भी आवारा कुत्तों के रहने और उन्हें खिलाने पर प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि आवारा कुत्तों के काटने की सबसे अधिक घटनाएं इन्हीं क्षेत्रों से सामने आ रही हैं.

गोयल ने यह भी कहा कि पब्लिक पार्कों से आवारा कुत्तों को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि गरीब लोगों के लिए पब्लिक पार्क ही स्पोर्ट्स स्टेडियम होते हैं. आज कॉलोनियों के बच्चे कुत्तों के डर से पार्कों में खेलना छोड़ चुके हैं.

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बधाई देते हुए कहा कि न्यायालय आवारा कुत्तों की गंभीर समस्या को सही दिशा में और संवेदनशीलता के साथ ले रहा है.

गोयल ने कहा कि यह बेहद खेदजनक है कि जो लोग स्वयं को एनिमल एक्टिविस्ट या डॉग फीडर कहते हैं. वे न केवल सुप्रीम कोर्ट के जजों पर अनावश्यक टिप्पणियां कर रहे हैं, बल्कि उन्हें भी लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर गालियां दी जा रही हैं और यहां तक कि उनके मरने की कामना तक की जा रही है.

इसके साथ ही विजय गोयल ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) समेत सभी सामाजिक और स्थानीय संस्थाओं से अपील की कि वे आवारा कुत्तों की समस्या पर खुलकर सामने आएं. उन्होंने कहा कि जो लोग सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिला रहे हैं. उनके नाम और विवरण दर्ज किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में यदि सुप्रीम कोर्ट मुआवजा तय करने की बात करता है तो इन कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जिम्मेदारी तय हो सके.

गोयल ने कहा हमारे ‘लोक अभियान’ के कार्यकर्ता कुत्तों को खाना डालने वालों की लिस्ट भी बनाएंगे. गोयल ने कहा कि इन्हीं कारणों से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है और काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.

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