पश्चिमी दिल्ली को बड़ी सौगात: 64 करोड़ से मॉनसून-प्रूफ बनेगी नांगलोई-नजफगढ़ रोड, जलभराव से मिलेगी
दिल्ली आजकल ब्यूरो,दिल्ली
13 January 2026
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को नांगलोई- नजफगढ़ सड़क सुदृढ़ीकरण और नालों के निर्माण से जुड़ी परियोजना का शिलान्यास किया.

यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली में रहने वाले लाखों दिल्लीवासियों को सीधा फायदा पहुंचाएगी. वर्षों से यह क्षेत्र बरसात के मौसम में जलभराव, नालों के ओवरफ्लो, सड़क पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा था.

परियोजना पूरी होते ही इस पूरे कॉरिडोर में जल-निकासी सुधरेगी, सड़कें बेहतर होंगी और लोगों को ट्रैफिक से राहत मिलेगी.
इस अवसर पर उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा कि नांगलोई और नजफगढ़ के लोगों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है. लंबे समय से चली आ रही यहां के लोगों की गंभीर समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने ठोस कदम उठाया है.
उन्होंने बताया कि 64 करोड़ रुपये की लागत से नांगलोई-नजफगढ़ सड़क के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ ड्रेनेज निर्माण कार्य की शुरुआत की जा रही है. इससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा. प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्याओं से भी राहत मिलेगी.
उपराज्यपाल ने बताया कि सितंबर 2024 में उन्होंने मुंडका, नांगलोई, कंझावला, फिरनी रोड और रोहतक रोड सहित कई क्षेत्रों का दौरा किया था तब वहां की स्थिति बेहद जर्जर थी. सड़कों पर सीवर का पानी बह रहा था, सड़कें टूटी पड़ी थीं, गड्ढों और गंदगी के कारण हालात बेहद खराब थे. उन्होंने तत्काल कदम उठाने के लिए सरकार को निर्देश दिए थे. लेकिन पिछली सरकार की उपेक्षा के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी है.
उपराज्यपाल ने बताया कि यह परियोजना केवल सड़क सुदृढ़ीकरण तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें फुटपाथ, सेंट्रल वर्ज और ड्रेनेज का कार्य भी शामिल है. बेहतर सड़कों के निर्माण से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि धूल और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय गिरावट आएगी. उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली में शुरू हुई विकास की प्रक्रिया से आने वाले समय में स्थायी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली के नागरिकों के लिए बड़ी सौगात है. उन्होंने उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना का इस विकास कार्य में मार्गदर्शन और कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में वर्षों तक इस सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था की उपेक्षा की गई. लेकिन उनकी सरकार ने बीते 11 महीनों में दिल्ली की बुनियादी समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. उसी संकल्प का परिणाम है कि इस क्षेत्र में स्थायी समाधान की शुरुआत हो रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार पूरे शहर की जलनिकासी प्रणाली और ड्रेनेज सिस्टम को नए और आधुनिक तरीके से सुधारने पर काम कर रही है. सरकार की ओर से कई बड़े ट्रंक ड्रेन परियोजनाएं शुरू की गई हैं. किराड़ी-मुंडका हॉल्ट सप्लीमेंट्री ड्रेन परियोजना के माध्यम से लगभग 1500 एकड़ क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा. इसी तरह, एम. बी. रोड स्टॉर्म ड्रेन परियोजना दक्षिण दिल्ली में जलभराव की समस्या से निजात दिलाएगी. इसके अलावा, किराड़ी-रिठाला ट्रंक ड्रेन परियोजना से भी उत्तर पश्चिम दिल्ली के लोगों को राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा नालों की नियमित सफाई, नई ट्रंक ड्रेनों का निर्माण और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) परियोजनाओं को समानांतर रूप से लागू किया जा रहा है. जिससे भविष्य में यमुना में केवल साफ जल प्रवाहित हो और राजधानी को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त किया जा सके. इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चांदोलिया और कमलजीत सहरावत, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, डॉ. पंकज सिंह, विधायक नीलम कृष्ण पहलवान, गजेंद्र द्राल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.