राजा नाहर सिंह के बलिदान को याद किया गया
दिल्ली आजकल ब्यूरो @ दिल्ली
9 January 2026
दिल्ली विधानसभा में राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि राजा नाहर सिंह ने 1857 के विद्रोह में ब्रिटिश शासन के खिलाफ साहसिक भूमिका निभाई और राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति दी.

राजा नाहर सिंह मात्र 32 वर्ष की आयु में ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष के नेता बने. उन्हें 9 जनवरी 1858 को चांदनी चौक में फांसी दी गई थी. उनकी शहादत को आज भी याद किया जाता है और उनके बलिदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है. इस अवसर पर शकूरबस्ती से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने भी राजा नाहर सिंह को याद किया. उनकी शहादत को देश के लिए प्रेरणा करार देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों की वजह से ही भारत एक आजाद राष्ट्र के रूप में विकसित हो पाया है. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढियां को अपने इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी भी रखनी चाहिए. उनसे प्रेरणा भी लेनी चाहिए.