चंडीगढ़ पर अधिकार को लेकर विवाद
मुकुल डोगरा
दिल्ली आजकल ब्यूरो, चंडीगढ़
26 November 2025
साफ सुथरा और अनुशासन प्रिय चंडीगढ़ एक बार फिर चर्चा में है. चर्चा का कारण है केंद्र सरकार का वह संभावित संविधान संशोधन बिल जो संसद के शशीतकालीन सत्र में आएगा. बताया जा रहा है कि इस बिल के माध्यम से चंडीगढ़ से पंजाब के पूरे अधिकार खत्म हो जाएंगे.
इसी का पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी विरोध कर रहीं हैं.
पार्टी और सरकार का स्पष्ट मत है कि,” चंडीगढ़ पंजाब का है और पंजाब का रहेगा. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंंनत सिंह मान ने कहा, ” संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में केन्द्र सरकार द्वारा लाए जा रहे प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) बिल का हम कड़ा विरोध करते हैं. यह संशोधन पंजाब के हितों के विरुद्ध है. हम केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के विरुद्ध रची जा रही साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे. हमारे पंजाब के गांवों को उजाड़कर बने चंडीगढ़ पर सिर्फ़ पंजाब का हक़ है. हम अपना हक़ यूं ही जाने नहीं देंगे. इसके लिए जो भी कदम उठाने पड़ेंगे, हम उठाएंगे.
भगवंत मान के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा,”
भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा संविधान संशोधन के माध्यम से चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार को खत्म करने की कोशिश किसी साधारण कदम का हिस्सा नहीं है बल्कि पंजाब की पहचान और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है. फेडरल स्ट्रक्चर की धज्जियां उड़ाकर पंजाबियों के हक़ छीनने की यह मानसिकता बेहद खतरनाक है. जिस पंजाब ने देश की सुरक्षा, अनाज, पानी और इंसानियत के लिए हमेशा बलिदान दिया है. आज उसी पंजाब को उसके अपने हिस्से से वंचित किया जा रहा है। यह केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि ये पंजाब की आत्मा को चोट पहुंचाने जैसा है. इतिहास गवाह है कि पंजाबियों ने कभी किसी तानाशाही के सामने सिर नहीं झुकाया. पंजाब आज भी नहीं झुकेगा.चंडीगढ़ पंजाब का है और पंजाब का रहेगा.