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मशहूर गायक और संगीतकार ज़ुबिन गर्ग के जीवन से जुड़ी त्रिभाषीय पुस्तक का विमोचन, दी गई श्रद्धांजलि

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
18 November 2025

मशहूर गायक, संगीतकार और असम की सांस्कृतिक पहचान ज़ुबिन गर्ग को समर्पित एक भव्य समारोह दिल्ली स्थित श्रीमन्त शंकरदेवा भवन में आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम एनआरडी ग्रुप की ओर से आयोजित था. जिसमें दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर रॉबिन हिबू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
कार्यक्रम की विशेषता ज़ुबिन गर्ग के जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और रचनात्मक यात्रा पर आधारित विस्तृत त्रिभाषीय वॉल्यूम का विमोचन था. इसे तीन भाषाओं में इसलिए तैयार किया गया है ताकि देशभर के लोग उनकी कला और व्यक्तित्व से जुड़ सकें. यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर बनेगी.

एनआरडी ग्रुप के सीएमडी नृपेन दास ने भी ज़ुबिन दा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जन्मदिन, 18 नवंबर असम ही नहीं बल्कि दुनिया भर के प्रशंसकों के लिए एक खास तारीख है. कार्यक्रम के दौरान ज़ुबिन गर्ग के जीवन और योगदान पर आधारित एक विशेष त्रिभाषीय पुस्तक का औपचारिक विमोचन भी किया गया. नृपेन दास ने कहा कि भले ही ज़ुबिन गर्ग असम के थे. लेकिन उन्हें दुनिया भर में प्यार मिला. इसी वजह से राजधानी दिल्ली में उनका जन्मदिन मनाने का निर्णय लिया गया. उन्होंने बताया कि इसी अवसर पर गुवाहाटी में भी एक कार्यक्रम आयोजित होगा. उन्होंने कहा कि ज़ुबिन दा भले ही अब हमारे बीच न हों, पर उनकी उपस्थिति हमेशा महसूस होती है.
मुख्य अतिथि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी रॉबिन हिबू ने ज़ुबिन को सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया. उन्होंने सुझाव दिया कि ज़ुबिन के नाम पर स्कॉलरशिप जैसी पहलें शुरू की जानी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके योगदान को याद रख सकें. उन्होंने यह भी घोषणा की कि अरुणाचल प्रदेश में ज़ुबिन गर्ग की एक प्रतिमा स्थापित की जाएगी ताकि लोगों को पता चले कि एक ऐसा कलाकार भी था जिसे पहाड़ों और उत्तर-पूर्व से अपार प्रेम था. उन्होंने इस आयोजन को सराहनीय प्रयास बताया. ज़ुबिन गर्ग ने उत्तर-पूर्व के लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई थी. वे सिर्फ गायक या संगीतकार नहीं बल्कि हर घर के अपने सदस्य जैसे थे. एक वक्ता ने कहा- “जब कोई दिल जीत लेता है तो शब्दों की ज़रूरत नहीं रह जाती है.” दिल्ली का यह सामूहिक जुटान केवल एक जन्मदिन समारोह नहीं बल्कि ज़ुबिन गर्ग की स्मृतियों को साझा करने का एक भावनात्मक मंच भी है. असम की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का लक्ष्य था ज़ुबिन की कलात्मक यात्रा के दूरगामी प्रभाव को सामने लाना.

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