kjakistan img

भारत में वैश्विक संगीत का उत्सव: एलजीएमएफ 2026 का भव्य आयोजन

दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
8 January 2026

भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने वाला लक्ष्मीनारायण ग्लोबल म्यूज़िक फ़ेस्टिवल (LGMF) अपने 35वें संस्करण के दूसरे चरण के साथ जनवरी 2026 में भारत के पाँच प्रमुख शहरों में आयोजित होने जा रहा है. यह प्रतिष्ठित संगीत महोत्सव 16 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में दर्शकों को संगीत की अद्भुत अनुभूति प्रदान करेगा. यह कार्यक्रम पांच महाद्वीप के 30 देश के 75 शहरों में आयोजित हो चुका है.

डॉ. एल. सुब्रमण्यम और विजी सुब्रमण्यम द्वारा वर्ष 1992 में अपने पिता एवं गुरु प्रो. वी. लक्ष्मीनारायण की स्मृति में शुरू किया गया यह महोत्सव आज विश्व के सबसे बड़े संगीत उत्सवों में गिना जाता है. इसका संचालन सुब्रमण्यम फ़ाउंडेशन द्वारा किया जाता है. जिसका उद्देश्य भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय सहयोगों के माध्यम से संरक्षित और प्रोत्साहित करना है. अब तक यह महोत्सव पाँच महाद्वीपों के 75 से अधिक शहरों और 30 देशों में आयोजित हो चुका है.

एलजीएमएफ 2026 की खास बात कज़ाख़िस्तान से पहली बार भारत आ रही ऑर्केस्ट्रा, कोयर और बैले प्रस्तुति है. जो पारंपरिक कज़ाख़ संगीत और आधुनिक नृत्य का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगी. इस बार का मुख्य आकर्षण पद्म विभूषण डॉ. एल. सुब्रमण्यम द्वारा रचित ‘नवग्रह सिम्फ़नी’ है. जो नौ ग्रहों पर आधारित भव्य रचना है और जिसमें पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम, बिंदु और महाती सुब्रमण्यम अपनी आवाज़ से रंग भरेंगी.

कार्यक्रम में ‘शांतिप्रिया’ बैले की प्रस्तुति और डॉ. एल. सुब्रमण्यम व डॉ. अंबी सुब्रमण्यम द्वारा ‘इज़ाबेला वायलिन कॉन्सर्टो’ का विशेष प्रदर्शन भी शामिल है. अस्ताना फिलहारमोनिक सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा और कज़ाख़ चैंबर कोयर इस भव्य संध्या को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेंगे.

एलजीएमएफ का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को मंच देना, भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और वैश्विक सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करना है. हमेशा की तरह यह महोत्सव दर्शकों के लिए नि:शुल्क रहेगा. जिससे संगीत हर वर्ग तक पहुँच सके.

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *