हिंदू श्री फाउंडेशन ने 2026–27 की कार्यकारिणी घोषित की, मंदिरों की स्वतंत्रता और सनातन कल्याण पर होगा जोर
दिल्ली आजकल ब्यूरो, दिल्ली
15 February 2026
हिंदू श्री फाउंडेशन ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित बैठक के दौरान वर्ष 2026–27 के लिए अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की. इस अवसर पर फाउंडेशन ने मंदिरों की स्वतंत्रता, प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा हिंदू समाज के समग्र कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
बैठक का औपचारिक उद्घाटन संस्थापक–संयोजक डॉ. कौशल कांत मिश्रा ने किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि फाउंडेशन का मूल उद्देश्य सनातन विरासत की रक्षा, प्राचीन मंदिरों का संरक्षण तथा सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त बनाना है.
इस घोषित कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में लक्ष्मी गोयल, डॉ. भूरेलाल और जस्टिस शिव कीर्ति सिंह शामिल हैं. वहीं मार्गदर्शक मंडल में रामभद्राचार्य, कोच्चि के पूज्यनीय शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती जी, सुभाष कश्यप, माखनलाल , आमोद कंठ और टी.आर. रमेश को स्थान दिया गया है.
देश के जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिव चौधरी को अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार मनोज गिरोला और वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनय गोयल को महासचिव तथा डॉ. चितरंजन खेतान को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
कार्यकारिणी की घोषणा के बाद सदस्यों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए फाउंडेशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया.
बैठक में मंदिर स्वायत्तता के लिए पहल, प्राचीन मंदिरों के सुनियोजित जीर्णोद्धार तथा हिंदू समाज के व्यापक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों पर चर्चा की गई.
संरक्षक लक्ष्मी गोयल ने सनातन परिवार को एकजुट रखने की आवश्यकता पर बल दिया और वनवासी क्षेत्रों में संचालित “एकल विद्यालय” के कार्यों की सराहना की. उन्होंने देश के दूरस्थ क्षेत्रों में हिंदू श्री फाउंडेशन और एकल विद्यालय के कार्यों को एकजुट कर व्यापक स्तर पर विस्तार देने की घोषणा भी की.
अध्यक्ष डॉ. शिव चौधरी ने फाउंडेशन की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मीडिया को सनातन दर्शन के विषय में जिम्मेदार और प्रामाणिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देनी चाहिए.
कोषाध्यक्ष चितरंजन खेतान ने CSR नियमों में नीति-स्तरीय बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐतिहासिक रूप से मंदिर समाज के “सामाजिक केंद्र” रहे हैं. लेकिन सामाजिक उपेक्षा और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण वे वर्तमान में केवल “अनुष्ठान केंद्र” तक सीमित हो गए हैं. उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया.
बैठक का समापन अध्यक्ष डॉ. शिव चौधरी द्वारा सभी सदस्यों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.